केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में एक ट्वीट के जरिए इस उपलब्धि के संबंध में बताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा…
”Indian Ceramics gaining solid global footing.
India’s exports of ceramic products registered a stellar growth of 558% in April-June 2022 as compared to the same period in 2013.”https://platform.twitter.com/embed/Tweet.html?dnt=true&embedId=twitter-widget-0&features=eyJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9iYWNrZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19yZWZzcmNfc2Vzc2lvbiI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfcmVzdWx0X21pZ3JhdGlvbl8xMzk3OSI6eyJidWNrZXQiOiJ0d2VldF9yZXN1bHQiLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X3NlbnNpdGl2ZV9tZWRpYV9pbnRlcnN0aXRpYWxfMTM5NjMiOnsiYnVja2V0IjoiaW50ZXJzdGl0aWFsIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19leHBlcmltZW50c19jb29raWVfZXhwaXJhdGlvbiI6eyJidWNrZXQiOjEyMDk2MDAsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZHVwbGljYXRlX3NjcmliZXNfdG9fc2V0dGluZ3MiOnsiYnVja2V0Ijoib2ZmIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd190d2VldF9lZGl0X2Zyb250ZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9mZiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9fQ%3D%3D&frame=false&hideCard=false&hideThread=false&id=1557589123556249600&lang=en&origin=https%3A%2F%2Fnewsonair.com%2Fhindi%2F2022%2F08%2F12%2Findias-ceramic-products-export-registers-a-spectacular-growth-of-558%2F&sessionId=876fdf6c578ec6a234c0dcd0bac4376f2e54a089&theme=light&widgetsVersion=b7df0f50e1ec1%3A1659558317797&width=550px
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टाइल विनिर्माता देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयासों से बीते कुछ साल में सिरेमिक उत्पादों के शिपमेंट में बढ़ोतरी होने से जहां एक ओर सिरेमिक टाइल्स के निर्यात में अत्यधिक तेजी आई है तो वहीं भारतीय टाइल उद्योग आज एक वैश्विक खिलाड़ी बन गया है। यही नहीं, ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के साथ आज यह कारोबार देश के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर रहा है। यही कारण है कि भारत आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टाइल विनिर्माता देश बन गया है।
125 से अधिक देशों में निर्यात करता है भारत
पूर्व में वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत 125 से अधिक देशों में सिरेमिक उत्पादों का निर्यात करता है और शीर्ष गंतव्यों में सऊदी अरब, अमेरिका, मैक्सिको, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, ओमान, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और पोलैंड शामिल हैं। अब रूस और लैटिन अमेरिकी देश जैसे नए बाजारों को भी इसमें शामिल किया गया है।
केंद्र के इन प्रयासों से निर्यात में आई तेजी
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के निरंतर प्रयासों के कारण ही सिरेमिक उत्पादों के निर्यात में बड़ा उछाल आया है। इसके अलावा, कैपेक्सिल ने मार्केट ऐक्सेस इनिशिएटिव स्कीम के तहत अनुदान का उपयोग करके कई पहल की है, जैसे विभिन्न देशों में बी2बी प्रदर्शनियों का आयोजन, भारतीय दूतावासों की सक्रिय भागीदारी के साथ खास उत्पाद के लिए और विपणन अभियानों के जरिये संभावित नए बाजारों की तलाश आदि।
तमाम चुनौतियों के बावजूद अभूतपूर्व वृद्धि
माल भाड़े, कंटेनरों की कमी आदि लॉजिस्टिक संबंधी अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद निर्यात में यह वृद्धि हासिल की गई है। सिरेमिक उत्पादों के निर्यात में वृद्धि से अधिकतर गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के छोटे एवं मझोले निर्यातक लाभान्वित हुए हैं।
कैसे विश्वस्तरीय उद्योग स्थापित कर रहा भारत ?
पिछले कई वर्षों से यह उद्योग नवाचार, उत्पाद प्रोफाइल, गुणवत्ता एवं नए डिजाइन के साथ आधुनिकीकरण कर रहा है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए एक आधुनिक विश्वस्तरीय उद्योग के रूप में खुद को स्थापित कर सके। नए डिजाइन, डिजिटल तरीके से मुद्रित टाइल्स और विभिन्न रंगों वाली बड़े आकार की टाइल के मामले में हमारे नवाचारों को भी विदेशी बाजारों में स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा केंद्र सरकार की एक जनपद एक उत्पाद की पहल से भी सिरेमिक उत्पाद व्यापार को काफी प्रोत्साहन मिला है। सबसे खास बात यह है कि इस पहल के तहत छोटे कारोबारियों को सबसे अधिक लाभ प्राप्त हुआ है। इस प्रकार सरकार के तमाम प्रयासों से आज भारत के सिरेमिक उत्पाद विश्व स्तर पर पहली पसंद बनते दिखाई दे रहे हैं। केवल इतना ही नहीं इसका सीधा लाभ देश के बढ़ते निर्यात पर पड़ा है जो 558% की शानदार वृद्धि दर्ज कर चुका है।
भारत का सिरेमिक उत्पादों का निर्यात उम्मीद से भी बेहतर रहा है। आंकड़े बताते हैं कि भारत के सिरेमिक उत्पादों के निर्यात ने अप्रैल-जून 2022 में 2013 की इसी अवधि की तुलना में 558% की शानदार वृद्धि दर्ज की है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में एक ट्वीट के जरिए इस उपलब्धि के संबंध में बताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा…
”Indian Ceramics gaining solid global footing.
India’s exports of ceramic products registered a stellar growth of 558% in April-June 2022 as compared to the same period in 2013.”https://platform.twitter.com/embed/Tweet.html?dnt=true&embedId=twitter-widget-0&features=eyJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9iYWNrZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19yZWZzcmNfc2Vzc2lvbiI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfcmVzdWx0X21pZ3JhdGlvbl8xMzk3OSI6eyJidWNrZXQiOiJ0d2VldF9yZXN1bHQiLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X3NlbnNpdGl2ZV9tZWRpYV9pbnRlcnN0aXRpYWxfMTM5NjMiOnsiYnVja2V0IjoiaW50ZXJzdGl0aWFsIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19leHBlcmltZW50c19jb29raWVfZXhwaXJhdGlvbiI6eyJidWNrZXQiOjEyMDk2MDAsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZHVwbGljYXRlX3NjcmliZXNfdG9fc2V0dGluZ3MiOnsiYnVja2V0Ijoib2ZmIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd190d2VldF9lZGl0X2Zyb250ZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9mZiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9fQ%3D%3D&frame=false&hideCard=false&hideThread=false&id=1557589123556249600&lang=en&origin=https%3A%2F%2Fnewsonair.com%2Fhindi%2F2022%2F08%2F12%2Findias-ceramic-products-export-registers-a-spectacular-growth-of-558%2F&sessionId=876fdf6c578ec6a234c0dcd0bac4376f2e54a089&theme=light&widgetsVersion=b7df0f50e1ec1%3A1659558317797&width=550px
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टाइल विनिर्माता देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयासों से बीते कुछ साल में सिरेमिक उत्पादों के शिपमेंट में बढ़ोतरी होने से जहां एक ओर सिरेमिक टाइल्स के निर्यात में अत्यधिक तेजी आई है तो वहीं भारतीय टाइल उद्योग आज एक वैश्विक खिलाड़ी बन गया है। यही नहीं, ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के साथ आज यह कारोबार देश के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर रहा है। यही कारण है कि भारत आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टाइल विनिर्माता देश बन गया है।
125 से अधिक देशों में निर्यात करता है भारत
पूर्व में वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत 125 से अधिक देशों में सिरेमिक उत्पादों का निर्यात करता है और शीर्ष गंतव्यों में सऊदी अरब, अमेरिका, मैक्सिको, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, ओमान, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और पोलैंड शामिल हैं। अब रूस और लैटिन अमेरिकी देश जैसे नए बाजारों को भी इसमें शामिल किया गया है।
केंद्र के इन प्रयासों से निर्यात में आई तेजी
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के निरंतर प्रयासों के कारण ही सिरेमिक उत्पादों के निर्यात में बड़ा उछाल आया है। इसके अलावा, कैपेक्सिल ने मार्केट ऐक्सेस इनिशिएटिव स्कीम के तहत अनुदान का उपयोग करके कई पहल की है, जैसे विभिन्न देशों में बी2बी प्रदर्शनियों का आयोजन, भारतीय दूतावासों की सक्रिय भागीदारी के साथ खास उत्पाद के लिए और विपणन अभियानों के जरिये संभावित नए बाजारों की तलाश आदि।
तमाम चुनौतियों के बावजूद अभूतपूर्व वृद्धि
माल भाड़े, कंटेनरों की कमी आदि लॉजिस्टिक संबंधी अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद निर्यात में यह वृद्धि हासिल की गई है। सिरेमिक उत्पादों के निर्यात में वृद्धि से अधिकतर गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के छोटे एवं मझोले निर्यातक लाभान्वित हुए हैं।
कैसे विश्वस्तरीय उद्योग स्थापित कर रहा भारत ?
पिछले कई वर्षों से यह उद्योग नवाचार, उत्पाद प्रोफाइल, गुणवत्ता एवं नए डिजाइन के साथ आधुनिकीकरण कर रहा है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए एक आधुनिक विश्वस्तरीय उद्योग के रूप में खुद को स्थापित कर सके। नए डिजाइन, डिजिटल तरीके से मुद्रित टाइल्स और विभिन्न रंगों वाली बड़े आकार की टाइल के मामले में हमारे नवाचारों को भी विदेशी बाजारों में स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा केंद्र सरकार की एक जनपद एक उत्पाद की पहल से भी सिरेमिक उत्पाद व्यापार को काफी प्रोत्साहन मिला है। सबसे खास बात यह है कि इस पहल के तहत छोटे कारोबारियों को सबसे अधिक लाभ प्राप्त हुआ है। इस प्रकार सरकार के तमाम प्रयासों से आज भारत के सिरेमिक उत्पाद विश्व स्तर पर पहली पसंद बनते दिखाई दे रहे हैं। केवल इतना ही नहीं इसका सीधा लाभ देश के बढ़ते निर्यात पर पड़ा है जो 558% की शानदार वृद्धि दर्ज कर चुका है।