देहरादून। उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एण्ड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजनाओं, डिजिटल विस्तार तथा उत्तराखण्ड के फिल्म, टेलीविजन, रेडियो एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा उफतारा की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ और उसकी कार्ययोजना रहा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने वेबसाइट के स्वरूप, उपयोगिता, तकनीकी सुविधाओं तथा भविष्य में जोड़े जाने वाले विभिन्न फीचर्स पर विस्तार से अपने सुझाव प्रस्तुत किए। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वेबसाइट को शीघ्र लॉन्च किया जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड की फिल्म, टेलीविजन, रेडियो, लोककला, लोकसंस्कृति और कलाकारों से जुड़ी समस्त जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वेबसाइट केवल संगठन की गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, लेखकों, तकनीशियनों, संगीतकारों, रंगकर्मियों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए भी एक उपयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित की जाएगी। इसके माध्यम से सदस्यता, कार्यक्रमों की जानकारी, फिल्म समाचार, सांस्कृतिक आयोजनों का कैलेंडर, प्रतिभाओं का डिजिटल प्रोफाइल, रोजगार एवं प्रशिक्षण संबंधी सूचनाएं भी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
बैठक के दौरान उफतारा के प्रमुख सलाहकार श्री दीपक नौटियाल तथा संरक्षक श्री जय प्रकाश पंवार को संगठन के प्रति उनके अमूल्य मार्गदर्शन, निरंतर सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। पदाधिकारियों ने दोनों वरिष्ठ सदस्यों के अनुभव और मार्गदर्शन को संगठन की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म किसी भी संगठन की पहचान और प्रभाव को व्यापक बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उफतारा की वेबसाइट उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक और फिल्मी गतिविधियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में संगठन के सभी पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए उफतारा को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि भविष्य में कलाकारों के हितों की रक्षा, नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने तथा उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रम, कार्यशालाएं और विशेष अभियान आयोजित किए जाएंगे।
बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि उफतारा आने वाले समय में उत्तराखण्ड के फिल्म, टेलीविजन, रेडियो और लोकसंस्कृति से जुड़े कलाकारों एवं रचनाकारों के लिए एक सशक्त संगठन के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाएगा।




