देहरादून, 06 जुलाई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के अंतर्गत अधिक से अधिक परियोजनाओं को शामिल करने, लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रस्तावित प्रोजेक्ट अगले तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव शीघ्र अपलोड किए जाएं, ताकि समयबद्ध तरीके से धनराशि जारी की जा सके। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विभागीय सचिवों को साप्ताहिक समीक्षा कर लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ तभी संभव है जब सभी विभाग एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए आपसी समन्वय से परियोजनाएं तैयार करें। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में बड़े क्लस्टर आधारित प्रोजेक्ट विकसित किए जाएं, जिनमें कोल्ड चेन, भंडारण, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाएं एक ही परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड से तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस दिया जाए, जिससे वह परियोजनाओं का अध्ययन कर चार से पांच क्षेत्रों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित करते हुए समग्र विकास योजना तैयार कर सके। इस पर नाबार्ड ने शीघ्र विशेषज्ञ टीम गठित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने तथा सचिव स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन विभाग को सभी जनपदों में बड़े पशु चिकित्सालय स्थापित कर दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही सभी विभागों को पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के समापन प्रमाण-पत्र एवं रिपोर्ट शीघ्र नाबार्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आरआईडीएफ के तहत एक हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं, जबकि 210 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी नाबार्ड को उपलब्ध करा दी गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, सी. रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल, नाबार्ड के सीजीएम पंकज यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




