निकायों में भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की नई समय सीमा तय, जुलाई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य

UTTARAKHAND NEWS

देहरादून, 14 जून। उत्तराखंड के चार निकायों में भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। पहले यह कार्य जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर जुलाई 2026 कर दिया गया है। हालांकि कार्य की वर्तमान प्रगति को देखते हुए तय समय में इसके पूरा होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश के अल्मोड़ा, भगवानपुर, नरेंद्रनगर और किच्छा निकायों में भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया लगभग दो वर्षों से चल रही है। इस परियोजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण, भू-सत्यापन और भूमि अभिलेखों के मिलान सहित कई चरणों में कार्य किया जाना है।

जानकारी के अनुसार, अभी तक केवल नरेंद्रनगर में तीसरे चरण तक का कार्य पूरा हो पाया है। यहां संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर उनके पक्ष को सुनने की प्रक्रिया अभी शेष है। वहीं अल्मोड़ा और किच्छा में अभिलेखों के मिलान का कार्य 10 प्रतिशत से भी कम पूरा हो सका है। भगवानपुर में करीब 61 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी सामने आई है।

भूमि अभिलेखों का मिलान और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। ऐसे में शेष कार्य को देखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्व परिषद की सचिव रंजना राजगुरु ने बताया कि चारों निकायों में भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जुलाई 2026 तक यह कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *