नई दिल्ली, 5 मार्च 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च करते हुए इसके आधिकारिक शुभंकर “प्रगति” (महिला) और “विकास” (पुरुष) का अनावरण किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्र सरकार ने 16 जून 2025 को राजपत्र में अधिसूचना जारी कर जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू की थी। दो चरणों में होने वाली यह जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना मानी जाती है। खास बात यह है कि इस बार पहली बार पूरी जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी और नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी मिलेगा।
शुभंकर “प्रगति” और “विकास”
जनगणना-2027 के शुभंकर “प्रगति” और “विकास” को एक मैत्रीपूर्ण और सहज प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये शुभंकर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिला और पुरुषों की समान भागीदारी को दर्शाते हैं। इनके माध्यम से जनगणना से जुड़ी जानकारी और संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाए जाएंगे।
जनगणना-2027 के चार डिजिटल टूल्स
जनगणना को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए सी-डैक (C-DAC) द्वारा चार प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं—
1. हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब एप्लिकेशन
यह वेब-मैप आधारित एप्लिकेशन उपग्रह चित्रों की मदद से अधिकारियों को मकान सूचीकरण ब्लॉक तैयार करने में मदद करेगा, जिससे पूरे देश में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होगा।
2. HLO मोबाइल एप्लिकेशन
यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल ऐप है, जिसके माध्यम से प्रगणक मकान-सूचीकरण से संबंधित डेटा एकत्र कर सीधे सर्वर पर अपलोड कर सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और 16 भाषाओं में काम करेगा।
3. स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल
पहली बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का विकल्प दिया जा रहा है। सफल पंजीकरण के बाद एक स्व-गणना आईडी (SE ID) जारी होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा कर सत्यापन किया जाएगा।
4. जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल
यह एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जिसके जरिए जनगणना से जुड़ी गतिविधियों की योजना, प्रबंधन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला और तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड से वास्तविक समय में प्रगति देख सकेंगे।
दो चरणों में होगी जनगणना
प्रथम चरण – गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना (HLO)
इस चरण में घरों की स्थिति और घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच राज्यों द्वारा निर्धारित 30 दिनों की अवधि में संचालित होगी। घर-घर सर्वे से पहले 15 दिन की स्व-गणना अवधि भी उपलब्ध रहेगी।
द्वितीय चरण – जनसंख्या गणना (PE)
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज की जाएगी। यह प्रक्रिया फरवरी 2027 में पूरे देश में होगी। वहीं लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह गणना सितंबर 2026 में की जाएगी। इस चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किया जाएगा।
जनगणना-2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है, जबकि हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि संदर्भ तिथि होगी।
सरकार के अनुसार जनगणना-2027 के लिए देशभर में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनगणना प्रक्रिया सटीक, सुरक्षित और व्यापक हो।




