धामी सरकार का बजट: ‘SANTULAN’ के जरिए विकास की नई दिशा

UTTARAKHAND NEWS

देहरादून, 9 मार्च 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त मंत्री के रूप में सोमवार को राज्य विधानसभा में बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने ‘SANTULAN’ (संतुलन) के आठ मूल मंत्रों को केंद्र में रखकर राज्य के विकास की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की है। बजट का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।

सरकार ने ‘SANTULAN’ शब्द के प्रत्येक अक्षर के माध्यम से राज्य की विकास नीति को स्पष्ट किया है। इसमें S से समावेशी विकास, A से आत्मनिर्भरता, N से नई सोच, T से तीव्र विकास, U से उन्नत गांव और शहर, L से लोकसहभागिता, A से आर्थिक शक्ति और N से न्यायपूर्ण व्यवस्था की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है।

समावेशी विकास (S) के तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए लगभग ₹1327.73 करोड़, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए ₹600 करोड़, तथा सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए लगभग ₹598.33 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, आंचल अमृत और महिला पोषण जैसी योजनाओं के लिए भी बजट रखा गया है।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड (A) के अंतर्गत स्वरोजगार और कृषि आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग ₹39.90 करोड़, तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सहायता के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और स्टार्टअप को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।

नई सोच (N) के तहत शिक्षा, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। संस्कृत पाठशालाओं के लिए ₹28 करोड़, छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए अलग-अलग विभागों में प्रावधान तथा राज्य डेटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए ₹65 करोड़ रखे गए हैं। इसके अलावा एआई और उभरती तकनीकों के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है।

तीव्र विकास (T) के लिए बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹1050 करोड़, गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए ₹400 करोड़ तथा नागरिक उड्डयन विभाग के लिए लगभग ₹52.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए ₹25 करोड़ भी निर्धारित किए गए हैं।

उन्नत गांव और शहर (U) के लिए ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं में भारी बजट रखा गया है। ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹1642.20 करोड़, शहरी निकायों के लिए ₹1814 करोड़ और पंचायती राज संस्थाओं के लिए ₹1491 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लोकसहभागिता (L) के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शामिल की गई हैं। आईटीडीए को अनुदान, राज्य डेटा सेंटर सुदृढ़ीकरण और एआई मिशन के क्रियान्वयन के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।

आर्थिक शक्ति (A) के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। रिस्पना-बिंदाल परियोजना के लिए ₹350 करोड़, स्टार्टअप वेंचर फंड और एमएसएमई सहायता योजनाओं के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।

न्यायपूर्ण व्यवस्था (N) के तहत सुरक्षा और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पुलिस आवास के लिए ₹100 करोड़, जेल निर्माण और न्यायिक संस्थानों के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा रेप और पॉक्सो एक्ट के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि ‘संतुलन’ मॉडल पर आधारित यह बजट राज्य के समग्र विकास, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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