देहरादून। डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज द्वारा बाल भवन में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के अंतर्गत आज विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वयंसेवकों में सामाजिक, पर्यावरणीय एवं मानवीय दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
प्रातःकाल डॉ. ज्योति सेंगर एवं डॉ. रेनुका रावत के नेतृत्व में स्वयंसेवकों द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक के विरोध में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा इसके उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।
इसके पश्चात पर्यावरण विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन अनुसंधान संस्थान के पारिस्थितिकी वैज्ञानिक अभिषेक सिंह, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की प्रतिनिधि इंद्रजीत कौर, उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद (बाल भवन) की महासचिव पुष्पा मानस तथा गंगोत्री कौशल विकास एवं उत्थान समिति के संस्थापक रमेश खत्री सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
साथ ही मास्टर ऑफ सोशल वर्क, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) एवं डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज के छात्र-छात्राओं में पूजा क्षेत्री, प्रीति तिवारी, दरियस अफ़जल आदि ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अतिथियों का स्वागत प्रो. सुंदर सिंह (जंतु विज्ञान विभाग) द्वारा पुष्प भेंट कर किया गया।
वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व, सतत विकास के उपायों तथा सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
दिवस के अंतिम सत्र में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य अनिल वर्मा ने रक्तदान, थैलेसीमिया एवं एनीमिया संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान न केवल जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा करता है, बल्कि समाज में मानवीय सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
समापन अवसर पर आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के शिविर स्वयंसेवकों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं।




