पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना, रक्षा सहयोग और जी-7 सम्मेलन पर रहेगी नजर

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नई दिल्ली, 13 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी महत्वपूर्ण वार्ता होगी, जिसमें रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, नवाचार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न कार्यक्रमों, द्विपक्षीय वार्ताओं, बहुपक्षीय बैठकों तथा भारतीय समुदाय के साथ संवाद में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर से होगी, जहां वे ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। भारत और फ्रांस वर्तमान में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ मना रहे हैं और यह कार्यक्रम दोनों देशों के नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स तथा तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा।

14 जून को नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे तथा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिको तथा राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में वे जी-7 देशों के नेताओं, साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन और विकास संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुंचेंगे, जहां वे कई द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप कार्यक्रम विवाटेक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान उनके भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री की यह यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और जी-7 देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को और सशक्त बनाएगी।

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