उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति की मांग, 27-28 जून को होगा फिल्म फेस्टिवल

UTTARAKHAND NEWS

देहरादून, 9 जून। उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) ने प्रदेश में फिल्म उद्योग के समग्र विकास, स्थानीय कलाकारों के संरक्षण और उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर के फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सोमवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने आगामी 27 एवं 28 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल एवं सम्मान समारोह की जानकारी दी।

उफतारा के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन लंबे समय से उत्तराखंड के फिल्म, टेलीविजन और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कलाकारों, तकनीशियनों एवं रचनात्मक प्रतिभाओं के हितों के लिए कार्य कर रहा है। संगठन का उद्देश्य राज्य की लोक संस्कृति, भाषा, परंपराओं और कला को फिल्म एवं दृश्य माध्यमों के जरिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि देहरादून में आयोजित होने वाले दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान उत्तराखंड की विभिन्न फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों, निर्देशकों, निर्माताओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा भी होगी।

उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म उद्योग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए मजबूत नीतिगत समर्थन और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावी फिल्म नीति लागू होने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय युवाओं को अपने राज्य में ही रोजगार मिल सकेगा।

संगठन ने उत्तराखंड फिल्म बोर्ड को अधिक सक्रिय बनाने, फिल्मकारों और तकनीशियनों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने तथा शूटिंग अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। साथ ही फिल्म निर्माण में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को कम करने और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

उफतारा के महासचिव कान्ता प्रसाद ने कहा कि नई फिल्म नीति और फिल्म विकास परिषद का गठन राज्य की आवश्यकता बन चुका है। इससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलने के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम मिलेगा।

मुख्य कार्यक्रम संयोजक जस पंवार ने कहा कि उफतारा प्रदेश के हजारों कलाकारों की आवाज बनकर कार्य कर रहा है। संगठन सरकार और फिल्म उद्योग के बीच संवाद स्थापित कर कलाकारों की समस्याओं के समाधान तथा बेहतर फिल्म निर्माण वातावरण तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

प्रेस वार्ता में उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी, महासचिव कान्ता प्रसाद, उपाध्यक्ष अमरदेव गोदियाल, सचिव नगेन्द्र प्रसाद, मुख्य कार्यक्रम संयोजक जस पंवार “जस्सी” सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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