रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि स्थित बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। उन्होंने मां चंडिका मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में भाग लिया तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराए जाने तथा तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने आयोजन को धार्मिक और आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद आयोजित यह महायज्ञ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर में हुए पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज ‘दिव्य और भव्य केदार’ का स्वरूप विश्व के सामने है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है तथा भूमि अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया है। प्रदेश को समृद्ध और युवाओं के लिए अवसरों से परिपूर्ण बनाने हेतु सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने क्षेत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा, जिस पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
20 वर्षों बाद आयोजित दिवारा यात्रा
मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होकर लगभग 26 गांवों के भ्रमण पर रही। बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा और 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ महावन्याथ यात्रा सम्पन्न होगी।




