देहरादून, 26 सितंबर 2026। नॉर्थ ईस्टर्न पुलिस अकादमी (NEPA), उम्साव, मेघालय से ‘भारत दर्शन’ शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड पहुंचे प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के दल ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। 22 से 26 सितंबर तक उत्तराखंड प्रवास पर आए दल में एक डिप्टी एसपी और 21 एसआई/एएसआई रैंक के कुल 22 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल रहे।
इस दौरान उप सहायक निदेशक, NEPA पवन कुमार शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अकादमी के प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान हासिल किए गए व्यावहारिक अनुभव और प्रमुख सीख भी साझा की।
तकनीक और साइबर पुलिसिंग का किया अध्ययन
प्रशिक्षु अधिकारियों ने चारधाम यात्रा नियंत्रण कक्ष में CCTV और ड्रोन आधारित भीड़ एवं यातायात प्रबंधन की कार्यप्रणाली को समझा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध की जांच, हेल्पलाइन 1930 और साइबर अपराध से निपटने की प्रक्रिया की जानकारी ली।
राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया का स्थलीय अध्ययन किया। वहीं कोतवाली नगर देहरादून में गौरा शक्ति मॉड्यूल, चीता पुलिसिंग और CCTNS की जानकारी प्राप्त की।
SDRF के खोज एवं बचाव अभियानों को समझा
प्रशिक्षु दल ने SDRF में आपदा प्रबंधन और खोज-बचाव अभियानों की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। हरिद्वार कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ATC में कुंभ-कांवड़ मेला सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, SPO आधारित जनसहयोग और खोया-पाया व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा पुलिसिंग में तकनीक के व्यापक उपयोग की सराहना की। उन्होंने आपदा प्रबंधन में SDRF की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और भ्रमण के दौरान मिले मार्गदर्शन व आतिथ्य के लिए डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों का आभार जताया।
‘अनुशासन के साथ तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता जरूरी’
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने प्रशिक्षु अधिकारियों से पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया और उनके अनुभव व जिज्ञासाएं सुनीं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा एवं सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के लिए कानून का ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आमजन के प्रति संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार भी आवश्यक है। वर्तमान समय में पुलिस अधिकारियों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी है। साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग आज की पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ ने उप सहायक निदेशक, NEPA और प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय/पी एंड एम बरिन्दरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।




