कोरबा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर के तीसरे दिन मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने एनटीपीसी कोरबा और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) का भ्रमण किया। इस दौरान मीडिया दल ने ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझा।
एनटीपीसी कोरबा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक के.सी. पात्रा ने प्रतिनिधिमंडल को एनटीपीसी की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनटीपीसी की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता करीब 91 गीगावाट है। इसे वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और 2047 तक 240 गीगावाट करने की योजना है। बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
लगातार छठे वर्ष सर्वाधिक PLF
एनटीपीसी कोरबा की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 2,600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 87.71 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) दर्ज किया। यह एनटीपीसी के सभी स्टेशनों में लगातार छठे वर्ष सर्वाधिक PLF रहा।
इसी अवधि में कोरबा ने 94.85 प्रतिशत घोषित क्षमता और 95.33 प्रतिशत ऑन-बार उपलब्धता भी दर्ज की। अधिकारियों ने बताया कि PLF से यह पता चलता है कि कोई बिजली संयंत्र अपनी स्थापित क्षमता का कितने प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है।
संयंत्र की निरंतर संचालन क्षमता भी उल्लेखनीय रही। एनटीपीसी कोरबा की यूनिट-7 ने 455 दिन लगातार संचालन किया, जबकि यूनिट-1 ने 495 दिन लगातार संचालन का रिकॉर्ड बनाया। कोरबा स्टेज-1 की तीनों इकाइयां एनटीपीसी की सबसे लंबे समय तक लगातार संचालित इकाइयों में शामिल हैं।
राख के उपयोग और हरित क्षेत्र पर जोर
मीडिया दल ने एनटीपीसी कोरबा में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन से निकलने वाली राख के उपयोग और पुनर्वास पर विशेष कार्य किया जा रहा है।
चारपारा ऐश डाइक के पुनर्वासित क्षेत्र में 4.5 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इससे यह क्षेत्र हरित क्षेत्र में तब्दील हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनटीपीसी कोरबा ने 60.71 लाख मीट्रिक टन राख का उपयोग किया।
पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंदरियाल ने कहा कि मीडिया एक्सपोजर टूर का उद्देश्य पत्रकारों को योजनाओं और परियोजनाओं की जमीनी हकीकत से सीधे रूबरू कराना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए ऊर्जा उत्पादन के साथ सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन की तकनीकों को समझना महत्वपूर्ण है।
भ्रमण के दौरान महाप्रबंधक एस. बहरा और एचआर हेड शशि शेखर मौजूद रहे।
बाल्को में एल्युमिनियम उत्पादन की प्रक्रिया समझी
एनटीपीसी कोरबा के बाद मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) का भ्रमण किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने एल्युमिनियम उत्पादन की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरणीय प्रबंधन की व्यवस्थाओं को समझा।
मीडिया प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से उत्पादन क्षमता, तकनीकी नवाचार, श्रमिक सुरक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर भी संवाद किया।




