भारी बारिश को लेकर उत्तराखंड हाई अलर्ट पर, ग्रामीण सड़कें युद्धस्तर पर खोलने के निर्देश

UTTARAKHAND NEWS

देहरादून, 9 जुलाई। प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से राज्यभर की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशभर में वर्षा की स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि 10 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और चम्पावत जिलों में रेड अलर्ट, जबकि पौड़ी गढ़वाल, देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जहां मौसम अत्यधिक खराब हो या यात्रा जोखिमपूर्ण हो, वहां श्रद्धालुओं को सुरक्षित होल्डिंग प्वाइंट्स पर रोका जाए। इन स्थानों पर भोजन, पेयजल, दवाइयां, बच्चों के लिए दूध, शौचालय और ठहरने जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाए।

उन्होंने नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर कार्य अस्थायी रूप से रोकने के भी निर्देश दिए गए।

सचिव आपदा प्रबंधन ने वर्षा से प्रभावित ग्रामीण एवं अन्य सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनों, आवश्यक उपकरणों और मानवबल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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