देहरादून, 27 अगस्त। प्रधानमंत्री के डिजिटल सुरक्षा संदेश और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम’ के तहत उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार को राज्यव्यापी वर्चुअल साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 1100 से अधिक राजकीय विद्यालयों के करीब 1.75 लाख छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
राजकीय नवोदय विद्यालय, तपोवन, नालापानी, देहरादून स्थित ICT Virtual Classroom Studio से संचालित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने Online Fraud, Social Media Safety, Hacking, Artificial Intelligence, Cyber Bullying और साइबर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए।
डीजीपी ने कहा कि वर्तमान समय Technology और Artificial Intelligence का युग है। विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए सीखने, नवाचार करने और भविष्य को नई दिशा देने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर बच्चों और युवाओं का जागरूक होना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का उपयोग मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, ज्ञान, कौशल विकास और नवाचार के लिए जिम्मेदारीपूर्वक करने का आह्वान किया। साथ ही स्वयं ‘Cyber Smart Citizen’ बनने और अपने परिवार एवं मित्रों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
डीजीपी ने विद्यार्थियों को किसी भी सूचना, फोटो या वीडियो को बिना सत्यापन के फॉरवर्ड नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने की सलाह दी।
AI, Deepfake और Digital Arrest पर भी जागरूकता
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक साइबर नीलेश आनंद भरणे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक साइबर शांतनु परासर ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। अधिकारियों ने AI, Deepfake, Digital Arrest, Cyber Bullying, Online Harassment, Sextortion, Fake Profiles और Online Gaming जैसे विषयों पर सरल उदाहरणों, पीपीटी और वीडियो के माध्यम से जानकारी दी।
अधिकारियों ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
राजकीय स्कूलों में नियमित होंगे जागरूकता कार्यक्रम
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और साइबर सुरक्षा को लेकर उनकी जिज्ञासा को देखते हुए डीजीपी दीपम सेठ ने राजकीय विद्यालयों में साइबर जागरूकता गतिविधियों को नियमित एवं प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आयु और आवश्यकताओं के अनुरूप सरल एवं व्यावहारिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। राज्य एवं जिला स्तर पर साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक कर सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।




