देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के विद्यालयों में “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम में प्रदेशभर के 2,828 सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में उपलब्ध अवसर बढ़ाने, उच्च शिक्षा में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने सहित कई सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं उन्हें नोट किया और अधिकारियों को सुझावों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।
140 विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों के लिए NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग तथा अन्य आवश्यक शुल्कों का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
“आज के विद्यार्थी ही करेंगे देश और उत्तराखंड का नेतृत्व”
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में केवल अच्छे नंबर हासिल करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विषय की गहरी समझ विकसित करना अधिक जरूरी है। संस्कार, अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच को सफलता का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में लीडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि लीडर वही है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति संवेदना और अपने कार्य के प्रति लगन व्यक्ति को विशिष्ट पहचान दिला सकती है। जीवन की वास्तविक सफलता स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है।
AI का उपयोग जरूरत के अनुसार करने की सलाह
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग सोचने और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी विषय पर सबसे पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का उपयोग करें। इसके बाद गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखते हुए आवश्यकता पड़ने पर AI की सहायता लें। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से युवाओं और समाज में खेलों के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है। अब प्रदेश के विद्यार्थी विभिन्न खेल विधाओं में अपना भविष्य बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी लागू की गई है, जिसके माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच, उनकी आकांक्षाओं और भविष्य को लेकर उनके विचारों को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि सरकार और विद्यार्थियों के बीच संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहेगा। विद्यार्थी अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार खुलकर सरकार के सामने रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि निरंतर संवाद से बेहतर समझ विकसित होती है और इसी से बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा श्रीमती ज्योति यादव, अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




