देहरादून, 14 जुलाई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय स्थित सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक कर विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विभाग को आगामी पांच वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि तय आउटकम इंडिकेटर्स को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार किए बिना निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने पर्यटन विभाग को प्रचार-प्रसार के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन-2026, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल और विंटर कार्निवल जैसे आयोजनों की तर्ज पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हर वर्ष निर्धारित समय पर ऐसे आयोजन किए जाएं, जिससे पर्यटन को नई पहचान मिल सके।
बैठक में मुख्य सचिव ने पर्यटन विकास के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन सर्किट और नए डेस्टिनेशन विकसित करने के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए और समावेशी एवं टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देकर संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के युवाओं को पेशेवर टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण देने के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) का उपयोग किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल ऐसा तैयार किया जाए, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश और विदेश में भी रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और बढ़ती मांग को देखते हुए उपयुक्त स्थानों पर ग्लैंपिंग (लक्जरी कैंपिंग) प्रोजेक्ट्स विकसित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




