हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पावन धरा पर आयोजित श्रीराम कथा से आध्यात्मिक सुख और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने मोरारी बापू को भगवान श्रीराम के आदर्शों और सनातन संस्कृति के जीवंत संवाहक बताते हुए भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति का “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर तेजी से कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड की धार्मिक यात्राओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चारधाम यात्रा में दो माह के भीतर ही 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में अब तक 55 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य में बेहतर आधारभूत ढांचे, सुरक्षित यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कुंभ केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का महापर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती, किरण चौधरी, स्वामी यतीश्वरानंद, सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, आशुतोष शर्मा, मयूर दीक्षित, नवनीत सिंह भुल्लर सहित अनेक संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




