देहरादून, 30 जून। नाबार्ड के सौजन्य से गंगोत्री कौशल विकास एवं उत्थान समिति, देहरादून द्वारा MEDP (Micro Enterprise Development Programme) परियोजना के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्मी वाश प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को ग्राम उम्मेदपुर में सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण में गणपति महिला स्वयं सहायता समूह सहित ग्राम की कुल 30 महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
15 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम उम्मेदपुर के ग्राम प्रधान एवं अधिवक्ता अजय पैन्यूली ने किया था। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। इस दौरान प्रतिभागियों को वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) एवं वर्मी वाश (जैविक कीटनाशक) के निर्माण, उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा विपणन से संबंधित विस्तृत सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के अंतर्गत महिलाओं को ग्राम जगतपुर स्थित केंचुआ खाद उत्पादक शक्ति पैन्यूली के केंद्र का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया, जहां उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की व्यावहारिक प्रक्रिया को निकट से समझा। इसके अतिरिक्त ग्राम उम्मेदपुर में प्रशिक्षण उपरांत वर्मी कम्पोस्ट बेड का निर्माण भी कराया गया, जिससे महिलाएं स्वयं उत्पादन प्रारंभ कर सकें।
प्रतिभागियों को उत्पाद की लेबलिंग, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, लाइसेंसिंग तथा मार्केट लिंक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं, ताकि वे अपने उत्पाद का व्यावसायिक स्तर पर विपणन कर आर्थिक लाभ अर्जित कर सकें।
समापन समारोह में गंगोत्री कौशल विकास एवं उत्थान समिति की सलाहकार ज्योत्सना खत्री ने महिलाओं से प्रशिक्षण के बाद भी इन गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षक श्री गुरप्रीत सिंह नागर ने किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष रमेश खत्री, श्रीमती ज्योत्सना खत्री एवं गुरप्रीत सिंह नागर ने सभी 30 महिला प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र तथा 5 किलोग्राम वर्मी कम्पोस्ट किट प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रशिक्षण में रेखा सैनी, रेखा रावत, गीता रावत, अनीता नेगी, ऊषा कलुडा, पुष्पा, कृष्णा, रामी, नीलू रावत सहित ग्राम की कुल 30 महिलाओं ने सहभागिता की।




