देहरादून, 31 मई। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद, देहरादून द्वारा रविवार को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तम्बाकू एवं अन्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा मानस ने की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अतिथियों ने तम्बाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान और सामाजिक दुष्प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने तम्बाकू निषेध और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां देकर जागरूकता का संदेश दिया। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तम्बाकू और नशे की लत युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। बच्चों को न केवल स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में बच्चों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद में सक्रिय रहने और नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। परिषद के पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से तम्बाकू एवं नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान को और मजबूत बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में परिषद की ओर से अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।




