देहरादून, 12 सितंबर। जिला देहरादून में शनिवार को आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 12,444 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान पक्षकारों के बीच कुल 30,33,93,475 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला मुख्यालय देहरादून के साथ ही बाह्य न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी एवं चकराता में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लोक अदालत चली। इसका आयोजन जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल की अध्यक्षता में किया गया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल व पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, शमनीय आपराधिक मामले, मोटर वाहन अधिनियम तथा अन्य समझौता योग्य मामलों को निस्तारण के लिए रखा गया। जिला मुख्यालय देहरादून में कुल 5,541 मामलों का निस्तारण हुआ और 26,49,89,532 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।
बाह्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ। विकासनगर में 1,316 मामलों में 1,71,24,800 रुपये, ऋषिकेश में 557 मामलों में 2,59,13,969 रुपये, डोईवाला में 179 मामलों में 1,16,58,219 रुपये, मसूरी में 55 मामलों में 8,21,083 रुपये तथा चकराता में 73 मामलों में 10,91,500 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ।
इसके अलावा विभिन्न बैंकों एवं अन्य संस्थानों के प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण किया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 6,903 मामलों का निस्तारण हुआ तथा 3,84,03,943 रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के बीच समझौता हुआ।
जिला जज हरीश कुमार गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से आपसी सहमति, संवाद और सौहार्द को बढ़ावा मिलता है। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा मामलों के निस्तारण के बाद पक्षकारों को जमा न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण जिला जज के मार्गदर्शन और न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा प्राधिकरण की टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।




