देवप्रयाग के 68 मेधावी विद्यार्थी 16 सितंबर को भारत दर्शन पर होंगे रवाना
कीर्तिनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को देश की विविधता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और विकास को करीब से समझने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के ज्ञान को कक्षा की सीमाओं से बाहर ले जाकर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कीर्तिनगर विकासखंड स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के 10वें संस्करण के तहत यात्रा पर जाने वाले 68 मेधावी विद्यार्थियों के दल से भेंट की। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर यात्रा की तैयारियों की जानकारी ली और उन्हें शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों का दल 16 सितंबर को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के लिए रवाना होगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे भ्रमण के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशेषताओं को समझें, वहां की उपलब्धियों से सीखें और अपने अनुभवों को साथियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में उद्देश्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने तथा गुरुजनों और माता-पिता के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प और ईमानदार प्रयास से सफलता की राह में कोई बाधा स्थायी नहीं रह सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है तथा प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण की पहल के लिए देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लगातार 10 वर्षों तक इस प्रकार के कार्यक्रम का संचालन बड़ी उपलब्धि है। इस पहल से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण की शुरुआत में कई कठिनाइयां आईं, लेकिन आज इसके सकारात्मक परिणाम सामने हैं। कार्यक्रम से विद्यार्थियों में बेहतर अंक हासिल करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और कई विद्यार्थी अब 96 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




