देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में देहरादून शहर के यातायात संतुलन के लिए मोबिलिटी प्लान को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के पूर्ण होने के बाद विशेषकर सप्ताहांत और चारधाम यात्रा के दौरान यातायात दबाव और बढ़ेगा। इसके लिए समय रहते प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने आढ़त बाजार की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया को 15 मई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए, साथ ही ध्वस्तीकरण कार्य जल्द शुरू करने को कहा। निरंजनपुर मंडी के संचालन हेतु भूमि चयन के लिए साइट सिलेक्शन कमेटी बनाने के निर्देश भी दिए गए। सचिवालय और परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए DPR और फिजिबिलिटी रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने को कहा गया।
बैठक में शहर के प्रमुख जंक्शनों के सुधार कार्यों की समीक्षा भी की गई। कारगी चौक के सुधारीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, जबकि 4 जंक्शनों पर कार्य शुरू हो चुका है और 6 अन्य प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।
मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने पर जोर देते हुए सितंबर तक देहरादून में 100 बसें संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों पर सख्ती, लेफ्ट टर्न को फ्री रखने और ट्रैफिक नियमों के सख्त प्रवर्तन के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पुलिस विभाग को ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने, एएनपीआर कैमरों से निगरानी बढ़ाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी उपाय करने को कहा। साथ ही टोइंग वैन की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने शहर में उपलब्ध पार्किंग स्थलों के अधिकतम उपयोग, विद्युत और गैस पाइपलाइन के अंडरग्राउंड कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एसएसपी परमेन्द्र डोभाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




