उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग एवं क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने सराहना की है। एसोसियेशन का कहना है कि राज्य में लागू की गई प्रभावी और आकर्षक फिल्म नीति से स्थानीय एवं क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को व्यापक लाभ मिल रहा है।
मंगलवार को एसोसियेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने रिंग रोड स्थित सूचना भवन में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान दिए जाने तथा सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए परिषद और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में फिल्म नीति–2024 लागू की गई है, जिसमें स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीशियनों के हितों को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय फिल्मों को राज्य में किए गए व्यय का अधिकतम 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री एवं लघु फिल्मों को भी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
श्री तिवारी ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर के फिल्म महोत्सव एवं फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए NFDC से पत्राचार चल रहा है। साथ ही उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें राज्य के स्थानीय फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों एवं लाइन प्रोड्यूसरों का विस्तृत डाटा उपलब्ध रहेगा।
उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के संरक्षक अनुज जोशी ने परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जुलाई 2025 में गठित समिति की बैठक में स्थानीय फिल्मों को अनुदान राशि प्रदान की गई, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने राज्य में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, एसोसियेशन के उपाध्यक्ष बृजेश भट्ट, महासचिव गंभीर जयाड़ा सहित सदस्य जितेन्द्र पंवार, हरीश नेगी और विजय शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
राज्य की बेहतर फिल्म नीति के सकारात्मक परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड में स्थानीय एवं क्षेत्रीय फिल्म निर्माण गतिविधियों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।




