हरिद्वार | 06 फरवरी, 2026 हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया गया।
समापन समारोह में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य अतिथियों ने गुरुदेव के समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक नेतृत्व की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गंगा तट पर इस पावन अवसर में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनकी साधना, विचार और जीवन दर्शन समाज को सतत मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। राष्ट्र की रक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जड़ों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे की पूरक हैं—तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र अडिग रहता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने आध्यात्मिक साधना को समाज सेवा से जोड़कर विशिष्ट जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गौरव को मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है तथा उत्तराखंड विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल मूल्य थे। भारत माता मंदिर राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, जो जाति, क्षेत्र और भाषा की सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना दूरदर्शी राष्ट्र मंदिर की अवधारणा के साथ की गई थी, जिसे आज और अधिक सशक्त किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने गुरुदेव को राष्ट्र, धर्म और मानव चेतना का अमर पथप्रदर्शक बताया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संत समाज से मिलने वाली प्रेरणा का उल्लेख करते हुए इस आयोजन में सहभागिता को सौभाग्य बताया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




