मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इन योजनाओं के माध्यम से टनकपुर सहित पूरे जनपद को पर्यटन, आस्था और आधुनिक शहरी सुविधाओं की नई पहचान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण), सिटी ड्रेनेज योजना, आपदा प्रबंधन हेतु इकोलॉजिकल कॉरिडोर, सड़क और पुल निर्माण, हेलीपैड, बाढ़ व भू-कटाव सुरक्षा कार्य, शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना चम्पावत के सर्वांगीण विकास की रीढ़ बनेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। माँ शारदा ज्ञान और संस्कार की प्रतीक हैं तथा उनके पावन घाटों का विकास पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। टनकपुर की धरती पर आते ही उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से ही उत्तराखण्ड की पहचान मजबूत होगी। आने वाले समय में चम्पावत एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद के रूप में उभरेगा।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रेमा पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




