जट 2026–27: सरकार ने पेश किया आर्थिक विकास का रोडमैप

National News

नई दिल्ली | 1 फरवरी 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करते हुए कहा कि सरकार देश की आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के साथ-साथ किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिलाओं और स्टार्टअप्स को सशक्त करने पर विशेष जोर दे रही है।

वित्त मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वर्ष 2014–15 में ₹2 लाख करोड़ था, जो 2025–26 में बढ़कर ₹11.2 लाख करोड़ पहुंच गया। इस विकास गति को बनाए रखने के लिए वर्ष 2026–27 में इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया सहारा

निजी निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के लिए सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड स्थापित करेगी, जिसके तहत ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी दी जाएगी। इससे अवसंरचना परियोजनाओं में निजी भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री के अनुसार:

  • 2026–27 में ऋण-से-जीडीपी अनुपात 55.6% रहने का अनुमान है
  • 2025–26 में यह 56.1% था
  • 2026–27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान
  • 2026–27 में 36.5 लाख करोड़ रुपये गैर-ऋण प्राप्तियों का लक्ष्य रखा गया है

किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण भारत के लिए बड़ी घोषणाएं

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा। साथ ही पशुपालकों और ग्रामीण समुदायों के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई।

मुख्य घोषणाएं:

  • मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास
  • तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा
  • पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम
  • पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को बढ़ावा
  • पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण

महिलाओं और स्टार्टअप्स पर जोर

बजट में महिलाओं की अगुवाई वाले समूहों और स्टार्टअप्स को बाजार से जोड़ने के लिए विशेष पहल की जाएगी। दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए भी विभिन्न योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

बागवानी और विशेष फसलों को बढ़ावा

  • तटीय इलाकों में नारियल, चंदन और काजू जैसी फसलों को सहायता
  • नारियल संवर्धन योजना के जरिए उत्पादन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का लक्ष्य
  • भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम, इन्हें वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा
  • भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग
  • अखरोट और बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम

डिजिटल और एआई पहल

सरकार ने भारत-VISTAAR नामक एआई टूल आधारित कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिससे कृषि, ग्रामीण विकास और नीति-निर्माण में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, ग्रामीण सशक्तीकरण, कृषि-पशुपालन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।

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